श्री गजानन महाराज अष्टक
श्री गजानन महाराज अष्टक (दासगणूकृत) गजानना गुणागरा परम मंगला पावना । अशींच अवघे हरी, दुरीत तेवि दुर्वासना ।। नसें त्रिभुवनामधे
Read moreश्री गजानन महाराज अष्टक (दासगणूकृत) गजानना गुणागरा परम मंगला पावना । अशींच अवघे हरी, दुरीत तेवि दुर्वासना ।। नसें त्रिभुवनामधे
Read more।। श्री गजानन महाराज बावन्नी ।। जय जय सद्गुरू गजानना । रक्षक तुची भक्तजना ।।१।। निर्गुण तू परमात्मा तू । सगुण रूपात
Read moreश्री हनुमान चालीसा
।। जय श्री राम ।। ॥दोहा॥
श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि । बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो …
Read moreश्री शनि चालीसा
॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन , मंगल करण कृपाल । दीनन के दुख दूर करि , कीजै …
Read moreश्री राम चालीसा
श्री रघुवीर भक्त हितकारी । सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ॥ निशिदिन ध्यान धरै जो कोई । ता सम …
Read moreभैरव चालीसा
॥ दोहा ॥ श्री गणपति गुरु गौरी पद प्रेम सहित धरि माथ । चालीसा वंदन करो श्री शिव भैरवनाथ ॥ …
Read moreश्री शिव चालीसा
।।दोहा।। श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान । कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ॥ जय गिरिजा पति …
Read moreदुर्गा चालीसा
नमो नमो दुर्गे सुख करनी । नमो नमो अम्बे दुःख हरनी ॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी । तिहूँ लोक फैली …
Read moreश्री गणेश चालीसा १
दोहा
जय गणपति सदगुणसदन , कविवर बदन कृपाल ।
विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल ॥
चौपाई
जय …
रेणुका मातेची आरती जय देवी श्री देवी, रेणुका माते । आरती ओवाळीतो तुजला शुभचरिते ॥ मंदस्मित मधुलोचन, सुंदर ही मूर्ती
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