महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम्

महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम्  अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते । भगवति हे शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि भूरिकृते जय जय हे महिषासुरमर्दिनि

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दिप अमावस्या दिपपूजन

दिप अमावस्या दिपपूजन

*दिप अमावस्या* आषाढ अमावस्या दिप अमावस्या म्हणून ओळखली जाते अलीकडे गटारी अमावस्या हे नवीन बिरूद तिला प्राप्त झाले आहे. …

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